सामाजिक सहयोग

परिवर्तन प्रकृति का नियम है । तीव्र अथवा धीमी गति द्वारा यह प्रत्येक समाज में होता रहता है । प्रत्येक परिवर्तन सामाजिक परिवर्तन नहीं है क्योंकि परिवर्तन भौतिक जगत अथवा जैवकीय व्यवस्था में भी होता रहता है । भौतिक जगत में हो रहे परिवर्तन भी सामाजिक परिवर्तन के स्रोत हो सकते हैं ।

सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक सम्बन्धों सामाजिक संगठन अर्थात् सामाजिक संरचना एवं प्रकार्यों तथा विशिष्ट सामाजिक संस्थाओं और उनके परस्पर सम्बन्धों में होने वाला परिवर्तन है । किंग्स्ले डेविंस के अनुसार सामाजिक परिवर्तन में केवल वही परिवर्तन सम्मिलित किये जाते हैं जो सामाजिक संगठन अर्थात् सामाजिक संरचना और प्रकार्यों में घटित होते

टी. बी. बॉयेमार के अनुसार सामाजिक परिवर्तन से अभिप्राय सामाजिक संरचना में परिवर्तन, विशिष्ट सामाजिक संस्थाओं में परिवर्तन अथवा संस्थाओं के परस्पर सम्बन्धों में परिवर्तन है । मैकाइवर तथा पेज ने सामाजिक सम्बन्धों में होने वाले परिवर्तनों को ही सामाजिक परिवर्तन कहा है ।

1. ओडम- इनके अनुसार नियोजन द्वारा सामाजिक परिवर्तन वह परिवर्तन है जिसके द्वारा प्राकृतिक व सामाजिक शक्तियों तथा परिणामतः विकसित सामाजिक व्यवस्था पर नियन्त्रण प्राप्त किया जाता है ।

2. मिड्रल- “नियोजन किसी देश की सरकार द्वारा किये गये वे जागरूक प्रयास है जिसके द्वारा लोक-नीतियों को अधिक तार्किक ढंग से समन्वित किया जाता है ताकि अधिक तेजी व पूर्णता से भावी विकास के उन लक्ष्यों पर पहुंचा जा सके जो कि विकसित होती हुई राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा निर्धारित किये गये हैं ।”

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